लखनऊ में माल थाना क्षेत्र के नबी पनाह में बुजुर्ग किसान मुन्ना सिंह की हत्या का बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है। उसकी पुत्रवधू ने अपने दो चचेरे देवरों की मदद से की थी। पुलिस ने मंगलवार को मुन्ना सिहं की पुत्रवधू सुशीला, भतीजे शिवम उर्फ सौरभ सिंह और राघवेंद्र सिंह को गिरफ्तार करके हत्याकांड का खुलासा किया है।
मुन्ना सिंह को अपने छोटे बेटे के लिए रिश्ता तलाशते देख पुत्रवधू बौखलाई थी। जायदाद के लालच में उसने देवर से संबंध बना रखे थे। किसी और से उसकी शादी के विरोध में थी।
एएसपी ग्रामीण प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि तफ्तीश के दौरान पता चला कि पांच करोड़ से अधिक की कीमत के बाग के मालिक मुन्ना सिंह के बड़े बेटे संजय सिंह की शादी पांच साल पहले रायबरेली के महाराजगंज थाने के मांझगांव निवासी सुशीला से हुई थी।
सुशीला ने देवर रणविजय से संबंध बना लिए। दो बच्चों को जन्म दिया। इस बीच मुन्ना सिंह को देवर-भाभी के संबंधों की भनक लग गई। विरोध जताया। कोई असर न होते देख उसने रणविजय के लिए रिश्ता तलाशना शुरू कर दिया।
सुशीला देवर की किसी से शादी नहीं होने देना चाहती थी। दरअसल, संबंधों के साथ उसे करोड़ों की जायदाद का भी लालच था। रणविजय की शादी होने से उसकी पत्नी व बच्चे भी हिस्सेदार हो जाते।
सीओ मलिहाबाद मो. जावेद खां ने बताया कि मुन्ना सिंह के भाई देवेंद्र प्रताप सिंह का बेटा शिवम मुंबई में मेलों में दुकान लगाता है। वह चार जून को मुंबई से आया था। चचेरी भाभी सुशीला ने हंसी-मजाक के साथ उसे एकांत में बात करने को कहा।
सुशीला ने शिवम से कहा कि मुन्ना सिंह रविवार को आम की फसल बेचकर लौटेगा। वह रुपये जेब में रखकर बाग में सोने जाता है। वहीं हत्या करके रकम दोनों लोग बांट लेना। मौका देखकर फोन करेगी। पति संजय व देवर रणविजय को खाना खिलाकर सुलाने के बाद सुशीला ने शिवम को कॉल करके ब्रह्मबाबा के चबूतरे के पास बुलाया।
शिवम ने राघवेंद्र को भी बुला लिया। तीनों दबे पांव बाग में पहुंचे। शिवम व राघवेंद्र ने चारपाई पर गहरी नींद में सो रहे मुन्ना सिंह के चेहरे पर कंबल डाला और दम घोंटने के इरादे से उसे दबाने लगे। सुशीला ने बुजुर्ग मुन्ना के पैर पकड़ रखे थे। जान बचाने के लिए संघर्ष में मुन्ना सिंह चारपाई से गिर गया।
इस पर शिवम व राघवेंद्र ने गमछे से उसका गला घोंट डाला। उसकी जेब से मिले 92 सौ रुपये में शिवम ने 45 सौ राघवेंद्र को दे दिए और सुशीला ने अलमारी व बक्से की चाभी झटक ली।
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एसओ ने बताया कि सुशीला, शिवम उर्फ सौरभ और राघवेंद्र को मंगलवार शाम कोर्ट में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने न्यायिक हिरासत में लेकर तीनों लोगों को जेल भेज दिया। सुशीला अपने साथ डेढ़ साल के बेटे को भी जेल ले गई है, जबकि पांच वर्षीय बेटी की देखभाल की बात कहकर पिता व चाचा ने अपने पास रखा है।



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